Bambai Main Ka Ba Lyrics – Manoj Bajpayee – 2020

Bambai Main Ka Ba Lyrics – Manoj Bajpayee – 2020

(बम्बई मैं का बा) Bambai Main Ka Ba Lyrics in Hindi and English – Anurag Shaikia | Manoj

(बम्बई मैं का बा) Bambai Main Ka Ba Lyrics Sung By Manoj Bajpayee and music given by Anurag Shaikia Featuring Manoj Bajpayee. Bambai Main Ka Ba is Latest Bhojpuri Rap Song and Bambai Main Ka Ba Lyrics written by DR Sagar.

Bambai Main Ka Ba Lyrics Details:-

Song Title Bambai Main Ka Ba
Lyrics ByDR Sagar
SingerManoj Bajpayee
MusicAnurag Shaikia

   

(बम्बई मैं का बा) Bambai Main Ka Ba Lyrics in Hindi

बम्बई में का बा
इहवाँ का बा
ना त बम्बई में का बा
इहवाँ का बा..

दू बिगहा में घर बा लेकिन
सुतल बानी टेम्पू में
जिनगी ई अझुराईल बाटे
नून तेल और शैम्पू में
मनवा हरियर लागे भइया
हाथ लगौते माटी में
जियरा अजुओ अटकल बाटे
घर में चोखा बाटी में

का बा.. इहवाँ..

जिनगी हम ता जिये चाहीं
खेत बगइचा बारी में
छोड़ छाड़ सब आयल बानी
हम इहवाँ लाचारी में

कहाँ? ना त बम्बई में का बा..
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा..

बन के हम सिक्यरिटी वाला
डबल द्युटिया खटल तानी
ढिबरी के बाती के जइसे
रोज़ रोज़ हम घटत तानी

केकरा एतना सौख बाटे
मच्छर से कटवावे के
के चाहेला ऐ तरह
अपने के नरवासाहे के

का बा.. इहवाँ.. का बा..

गाँव शहर के बिचवा में हम
गजबय कन्फुजीआईल बानी
दू जून के रोटी ख़ातिर
Bombay में हम आईल बानी

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

हेलो.. हेलो… ऐ सुनाता
ऐ कहाँ बाड़ू
ना… होली में… होली में… आवा तानी
ठीक बा…

घी दूध और माठा मिसरी
मिलेला हमारा गाँव में
लेकिन इहाँ काम चलत बा
खाली भजिया पावय में
खाबा का

काम काज ना गांव में बाटय
मिळत नाही नौकरिया हो
देखा कइसे हाकत बाड़ें
जइसे भेड़ बकरिया हो

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

धत्त साला…. हटा

काम धाम रोजगार मिलय ता
गउएँ सड़क बनैति जाय
जिला जवाडी छोड़ के इहवाँ
ठोकर काहे खईति जाये

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

केसे केहू दुखवा बाटय
हम केतना मजबूर हईं
लड़ीका पड़ीका मेहरारू से
एक बरस से दूर हईं
के छोड़ेला बा ऐ तरह
अब हमहन के लाचारी में
अपना छोटकी बुचिया के हम
भर ना सकी अकवारी में

ऐ बॉबी.. आउ ना …
गोदिया में आउ ना
अरे इहाँ सुत ना
गोदिया में सुत जो
हा हा हा बू

ढ़ पुरनिया माई बाबू
ताल तलइया छूट गईल
केकरा से देखवाई मनवा
भीतरे भीतर टूट गईल

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

हसुआ और ई खाँची फरुआ
बड़की चोंख कुदार उहाँ
लमहर चाकर घर दू तलिया
हमरो है सरकार वहां

हमरे हाथ बनावे बिल्डिंग
आसमान के छुअत बे
हम ता झोपड़पट्टी वाला
हमरय खोली चुअत बे

का बा.. इहवाँ…

आ के देखा शहरिया बबुआ
का भेड़िया धसान लगे
मुर्गी के दरबा में जइसन
फसल सबय के जान लगय

ना त बम्बई में
का बा इहवाँ.. का बा..

एतना मुअला जियला पर भी
फूटल कौड़ी मिलत ना
लौना लकड़ी खर्ची बरछी
घर के कमवा जुरत ना

महानगर के तौर तरीका
समझ में हमरा आवे ना
घड़ी घड़ी पे डाटय लोगवा
ढंग से केहू बतावे ना

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

जबरा के हथवा में भइया
नियम और कानून उहाँ
छोट छोट बतियन पे उ
कई देलस ख़ून उहाँ

ऐ समाज देखा केतना ऊंच नीच का भेद हवे
उनका ख़ातिर संविधान में ना कोई अनुच्छेद हवे

इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा

बेटा बेटी लेके गावं में जिंदगी जिए मोहाल हवे
ना नीमन स्कूल कहीं बा ना नीमन अस्पताल हवे

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा

जुलम होत बा हमरी सगवां केतना अब बरदास करी
देस के बड़का हाकिम लोग पर अब कइसे विसवास करीं

हम ता भुइयां लेकिन तोहरा बहुत ऊंच सिंघासन बा
सब जानय ला केकरा चलते ना घरवा में रासन बा

इहवाँ.. का बा..

हे साहेब लोग…
हे हाकिम लोग
हमरो कुछ सुनवाई बा
गांव में रोगिया मरत बाड़ें
मिळत नहीं दवाई बा

बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

चला बाबू बड़ा लम्बा रास्ता बा
जब ले जान रही गोड़ चलत रही बाबू
चला… कंधा पे ले एकरा के
चल ना.. बानी नु हम

अरे कुछ ना पंद्रह सौ KM कहा ता लोग
अरे चल जाई आदमी
आँ… चल जाई आदमी
चल जाई … चल जाई

अरे बस भोले नाथ के नाम ला
चल बम
बोल बम बोल बम..

Bambai Main Ka Ba Lyrics in Hindi

Bambai Main Ka Ba Lyrics in Hindi

Bambai Main Ka Ba Lyrics in Hindi
(बम्बई मैं का बा) Bambai Main Ka Ba Lyrics in English

So what is it?
What is it?

Just what is it about this Bombay?
What is it about Bombay
That I slumber in a carrier
When back home I have more than a mere acre
What is it about Bombay?
That I must live my life in this loop
Of oil and salt and shampoo
My palms I dip in the earth
And my heart, it turns all green
Oh my soul it’s still back there
In that hot meal of my dream

Oh what is about Bombay?
So what is it?

How I wish I’d spend my days
Amidst my farms and orchards, my yard
But here I am yoked to ways helpless and hard
So what is it ……
Here I am
A security sentry
Doubling up on duty
Each day I waste and fray
Like a wicker lamp that burns away
Oh who must have such will to bear
The biting of mosquitoes
Who would want oh tell me
To be rent by nerves, oh who does
Between village and town of mine
I lie a bit bewildered
To feed two tummies no more
To Bombay I have wandered

So what is it….
Just what is it ….

Milk and ghee and butter sugar candy
It’s what’s plenty back there
But here one must make do
With snack and bread, what else’s there?
But work there isn’t where I come from
And no jobs to be had
Look how they herd and drive us
Like sheep and goat, it’s bad
If only there was an earning
Would’ve made my home my heaven
Why ever leave if that place rocked
To arrive here and then get knocked

So what is it……

And who’s here to share this grief
And this helplessness, what a life!
A year it’s been, a year
Away from the darling wife
And who is it that’s dumped us
In the grip of these compulsions
That even my chit of a darling girl
I can’t under-arm mine clasp and whirl
The elders, mai and babu
The pond and dale all lost
Who shall I open unto this heart
That lies all broken upon itself, what a cost?

So what is it …..

Blade and knife and rake and plough

There’s also pick and axe
And a length of home, a brood of keepers
I too have a kingdom, let me wax
Scrapers tall that these hands built
They all go kissing the sky
Here I am under this shanty roof
And it leaks, oh my my
Oh come and see you city lads
What a stampede all this is
Our lives, they are trussed and pressed
Come see what a hen coop this is

So what it is…

We toiled and toiled us two
We rolled the soil us two
And on a leg we stood
A month of rain, us two
But a tuppence that didn’t earn
For all the labour, all the toil
And for little things we yet yearn
The ways of the bit city
I pray I can’t divine
All the time they snap and scold
But tell not what fault it is of mine

So what is it…..

Those hands that hold the rules and law
Those hands they drip of blood
Those hands, those hands
Those hands are hands of flaw
Oh reckon among such folks
The gulfs that exist
Between the high and the low
Little the Constitution can even do
But to scrape and bow
Better that life
Lived close to daughter and to son
There’s neither a fair school close
Nor a hospital for a dose


Bambai Main Ka Ba Lyrics in English

So what is it…..

Bambai Main Ka Ba Lyrics in English

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